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अगर 40 की उम्र में 20 जैसा दिखना है, तो करें दस मिनट का ये रामबाण उपाय (Pranayam)

 

यदि हम वर्तमान युग मे योग को अपना ले तो हमारी लाइफ मे बहुत से बदलाव हो सकते है जैसा की आप जानते है इस दौर मे covid- 19  जैसी महामारी का सामना करना पड़ रहा है क्या इस बिच हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता ठीक है,  हम क्या खाते है अपनी दिनचर्या मे और क्या वो खान पान हमें स्वास्थ्य रख सकता है 
ज़िन्दगी की भागदौड़ 

यदि हम इस भाग दौड़ भरी जिंदगी मे  40 की उम्र में 20  या  50 की उम्र में 30 साल का अनुभव करेंगे। यह एक तरीके से अपनी बॉयोलॉजिकल क्लॉक को पीछे मोडऩा होगा हम अपनी मानसिकता और शारीरिक परिवर्तन केवल योग के माध्यम से ला सकते  है जिसकी वजह से ना केवल शारीरिक  अपितु मानसिक तौर से भी स्वास्थ्य रह सकते है 

मूल आधार  योग 

प्राणायाम योग का मूल आधार है जिसके करने से हम योग की प्रथम अवस्था मे होते है जिसकी वजह से चित व मन की शुध्दि  होती है  प्राणायाम करने से शरीर मे सामान्य 200% ऑक्सीजन (oxygen) पहुँचता है ! ऑक्सीजन से हमारा मस्तिष्क कण्ट्रोल होता है एवं मानसिक तनाव कम  होता है ! इस 21वी सादी मे सबसे ख़तरनाक बीमारी का नाम मानसिक तनाव है जिसकी वजह से  शरीर रोग युक्त हो गया है दौड़ती भगति जिंदगी मे तनाव सबसे बड़ा दुश्मन है ! 
तनाव से ही हाई ब्लड प्रेशर से लेकर हार्ट अटक तक कई बीमारी  शरीर  मे घर बना चुकी है,  प्राणायाम काफ़ी हद तक तनाव को काम करता है 
क्या है प्राणायाम 

प्राणायाम से रक्तचाप सामान्य रहता है,  सामान्य रक्तचाप होने से आप दिल की बीमारियों से दूर रहते हैं। प्राणायाम के अलावा सूर्य नमस्कार को मैं योग का सबसे बेहतरीन गुलदस्ता मानता हूं। इस एक योगाभ्यास में 12 तरह की योगिक क्रियाओं को समावेशित किया है। यदि आप रोज 10 बार सूर्य नमस्कार करते हैं तो वृद्घावस्था तक भी आपको लिगामेंट्स, जोड़ से संबंधित समस्याएं नहीं होगी 

योग ज़िन्दगी का हिस्सा 

आज योग मेरी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा है। मेरी सुबह की शुरुआत योग से होती है। मेरा मानना है यदि कोई व्यक्ति बाल्यावस्था में योग शुरू कर ताउम्र करता   रहता है, उन बीमारियों से बचा रहेगा, जो प्रौढ़ावस्था में परेशान करती हैं। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं की वे व्यक्ति जो प्रौढ़ावस्था की ओर आ चुके हैं, उन्हें योग से फायदा नहीं होगा।
इंटरनेशनल  योगा डे 

 इंटरनेशनल योग डे पर मैं यही कहूंगा कि योग हमें हमारे पुरखों की सबसे अमूल्य देन है। इसे हमें अपनी जीवन पद्धति में उतारना चाहिए औऱ आने वाली पीढ़ी को विरासत के रूप में सौंपना चाहिए।
शारीरिक श्रम हो गया है काम 

आज से 50 साल पहले हम शारीरिक श्रम ज्यादा करते थे,  वही भोजन की कमी थी पर आज के समय मे  भोजन की अधिकता पर श्रम ना के बराबर है भोजन और शारीरिक श्रम के के बिच बैलेंस बनाने के लिए एक्सरसाइज को समय  देना चाहिए! वर्तमान  मे एक योग ही एकमात्र  विकल्प है जिसके माध्यम से हम पुरे शरीर के साथ मानसिक तनाव दूर कर सकते है महत्वपूर्ण व्यायाम मे मुख्य रूप से अनुलोम  विलोम से हम शरीर मे ऑक्सीजन का फ्लो अच्छा कर सकते है! जो की बेहद जरुरी है 


मेने अपने ज़िन्दगी मे काफ़ी समय बाद योग की शक्ति को पहचाना ! योग से मेरा परिचय  5 साल पहले हुआ है तब से मे हर रोज योगाभ्यास  करता हु जिसमे मुख्य रूप से सूक्ष्म व्यायाम, प्राणायाम, नाड़ी शोधन, जैसे क्रियाये  है 


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