वैसे तो हल्दी वाला दूध एंटीबायोटिक का काम करता है। अपने आने घर में बुजुर्गो से सुना ही होगा चोट लगने पैर हल्दी वाला दूध पीने से ठीक हो जायगा। जी है दोस्तों ये बरसो पुराण प्राचीन नुक्सा वर्तमान में भी बड़े काम है। चोट लगने पर या आपकी मस्सल्स में खिचाव आने पर यह नुस्खा आपको 100 प्रतिशत आराम देगा। भारत में हल्दीवाले दूध को आयुर्वेद के अनुसार "सुपर ड्रिंक" माना जाता है। हॉकी ऐसा नहीं है की इसकी मान्यता कम हुई है।

हल्दी को गर्म दूध में मिलाकर पीने से यु तो कई स्वस्थ्य समस्या दूर होती है। लेकिन कुछ परिस्थिति ऐसी भी होती है हल्दी वाले दूध का सेवन करना नहीं चाहिए। जी हां हलाकि हल्दी वाला दूध बहुत गुणकारी है किन्तु इन दो परिस्थिति में पिया जाये तो ये आपके स्वस्थ्य के लिए घातक भी साबित हो सकता है। इस लेख में हम उन दो परिस्थिति के बारे में बतायंगे हल्दी की सह मात्रा कितनी होनी चाहिए।
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परिस्थिति संख्या एक 


वे लोग जिन्हे  कफ की समस्या हो या बदलते मौसम से सर्दी जुकाम के साथ कफ  का सामना करना पड़ता हो और कफ बहार न निकलता हो।  तो उन्हें ऐसी स्थिति में हल्दी वाले दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में हल्दी वाला दूध पीने से कफ भीतर ही रह कर आपकी छाती में भारीपन ला देता है। दरअसल हल्दी अपने गुणों से कफ को सूखा देती   है। जिसके कारण भरीपन बढ़ जाता है। इसलिए  ऐसी स्थिति में भूलकर ना पिए हल्दी वाला दूध

परिस्थिति संख्या दो 

यदि आपको स्वास सम्बंधित समस्या है। या सांस लेने में तकलीफ  है तो भूल कर भी न पिए हल्दी वाला दूध,  या सांस  लेने में छाती में भारी पन रहता हो तो न पिए। दरअसल हल्दी में मौजूद गुण इतने तीखे होते है की वह  हमारी स्वसन प्रणाली अतिसक्रिय कर देते है, जिनके कारण सांस लेने की समस्या  में दिक्कत आ सकती है। इसलिए अगर आप सांस लेते समस्या किसी  पीड़ा का सामना कर  रहे  है, या फिर पंप लेते है तो भूलकर भी रात में हल्दी वाला दूध न पिए ।

हल्दी की कितनी मात्रा होनी चाहिए 

आयुर्वेद के अनुसार, पुरे 24 घंटे में किसी भी वक्त  हल्दी पीना चाहिएऔर इसकी मात्रा 20 से 40 mg  होनी चाहिए। इसके यदि सर्दी का मौसम है तो पुरे दिन में हल्दी, सोंठआदि जैसी गर्म चीजों का सेवन 100 मिलीग्राम से ज्यादा नहीं होना  चाहिए।

हल्दी वाले दूध को बनाने का सही तरीका 

हल्दी वाले दूध को बनाने के लिए आपको निम्न प्रकार का तरीका अपनाना चिहिए  . हल्दी में उपस्थित करक्यूमिन (Curcumine) नाम का कैंसर रोधी तत्व मौजूद होता है। जिसके सम्पूर्ण फायदा लेने के लिए आपको इस तरीके को अपनाना चाहिए।

सामग्री 

सबसे पहले हल्दी  के दो चम्मच पाउडर ले यदि 1 लीटर दूधी बना रहे है तो इतनी मात्रा काफी है।
आधा  टी स्पून काली मिर्च पाउडर
बादाम का पेस्ट (इच्छानुसार)
गुड़ (सर्दियों में बेहतर है ) या ब्राउन शुगर (वैकल्पिक)

हल्दी वाला दूध बनाने का तरीका 



  • सबसे पहले 1 लीटर दूध उबाल ले। दूध उबलने तक थोड़ा चलते रहे। 
  • अब इसमें 2 हल्दी के पाउडर को डाल दे।  
  • हल्दी के पाउडर को दूध में मिला कर,आधा मिनट उबाल ले। 
  • अब उसमे काली मिर्च का पाउडर दाल दे 
  • दूध में थोड़ा उबाल आने पर  उसमे थोड़ा गुड़ मिला ले। 
  • अब आप चाहे तो उसमे गीले बादाम का पेस्ट मिला  कर उसे थोड़ा और टेस्टी बना सकते है। 


अगर आप हल्दी वाला दूध बनाएंगे और इन दो परिस्थिति में नहीं पियेंगे तब ही ये आपके लिए फायदेमंद  साबित हो सकता है।